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मध्य प्रदेश राज्य का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा तैयार विशेष बुलेटिन 55/2020 जिसे जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविधालय जबलपुर और राजमाता विजयराजे सिंधियां कृषि विश्वविधालय ग्वालियर एवं मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में शुक्रवार दिनांक 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया है के अनुसार

 

मध्य नर्मदा क्षेत्र

जिसमें नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले आते हैं में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

गिर्द क्षेत्र

जिसमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले आतें हैं में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

सतपुड़ा पठार क्षेत्र

जिसमें बैतूल, और छिंदवाडा जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

विन्ध्य पठार क्षेत्र

जिसमें सागर, दमोह, भोपाल, सिहोर, रायसेन, विदिशा जिले आते है में पांच दिनों के दौरान मध्यम से हल्के बादल रहने का अनुमान है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 8 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

झाबुआ पहाड़ियाँ क्षेत्र

जिसमें झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलें आतें है में पांच दिनों के दौरान मध्यम से घने बादल छाये रहने की संभावना है | अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

मालवा पठार क्षेत्र

जिसमें उज्जैन, इंदौर, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, देवास, नीमच जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 23 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं |

अरहर की खेती

अरहर की खेती करने वाले किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि अरहर की फसल की बोनी हेतु उन्नत शील एवं कम अवधि में पकने वाली प्रजातियाँ जैसे : टी.जे.टी-501, जवाहर अरहर-4, जे.के.एस-7 एवं 189, आई.सी.पी.एल.- 88039, पूसा-992, पूसा-16, आदि का चयन कर बीज कार्य कर पलेवा कर बोनी करें |

ग्वार, बाजरा एवं तिल

इस समय ग्वार, बाजरा एवं तिल की बोनी हेतु पर्याप्त वर्षा हो चुकी है अतः बतर आने पर खेतों की तैयारी करें व उर्वरक एवं उन्नतशील किस्मों के बीजों का चयन करें व बीजोपचार कर बोनी करें।

धान की रोपाई

इस समय धान की पौध में खरपतवार नियंत्रण करें व तैयार पौध की रोपाई करें व पूर्व में रोपी जा चुकी पौध में खरपतवार नियंत्रण कर नत्रजन की मात्रा को दें।

मक्का

मक्का की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है कि मक्का की 18 से 21 दिन की खड़ी फसल में घांस कुल और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए टेम्बोट्राईओन 42% sc (लाऊडिस) नामक दवा का 115 मिली./एकड़ कि दर से छिड़काव करें |

• मक्का की 25 दिन कि खड़ी फसल में नाइट्रोजन धारी उर्वरकों का प्रयोग करें | • मक्के कि फसल में फाल आर्मी वर्म कीट की रोकथाम हेतु निम्न उपाय करें :- • खेतों में पक्षियों के बैठने हेतु टी आकार कि खूटियाँ 100 प्रति एकड़ की दर से लगाएं |

पोंगलियों में राख, लकड़ी का बुरादा या बारीक रेत डालें |

50000/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा प्रोटियम या टेलेनोमस रेमस किट को छोड़ें |

5% नीम के बीज कि खली या अजेडारिकटिन 1500ppm @5ml/ली पानी की दर से छिड़काव करें |

सोयाबीन की खेती

• किसानों को सलाह दी जाती है कि वे सोयाबीन में मोनोकोट/डाईकोट खरपतवारों के प्रबंधन के लिए उपयुक्त उपाय (डोरा/कुलपा निराई या अनुशंसित खरपतवारनाशी के उपयोग) करें |

• किसानों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे पत्ती खाने वाले कीटों के हमले से फसल को बचाने के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी (150 मिली/हे) का स्प्रे करें |

• सोयाबीन की 15 से 20 दिन की खड़ी फसल में घांस कुल और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए इमेजेथाफायर 250-300 मिली प्रति एकड़ कि दर से छिड़काव करें |

टमाटर व मिर्च की खेती

इस समय ग्रीष्म कालीन टमाटर व मिर्च में लीफकर्ल रोग की संभवना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 750 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

गन्ने की खेती

90, 120 एवं 150 दिनों पर यूरिया का छिड़काव करें, मिट्टी चढ़ावें |

तना छेदक एवं पायरिल्ला कीटों का प्रकोप होने पर फोरेट 10 जी 15 कि.ग्रा./हे. कुडों में डालकर मिट्टी चढ़ावें |

कपास

कपास में रसचुसक कीट का प्रकोप दिखाई देने पर नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मि.ली. दवा या इमिडाक्लोप्रिड + एसिफेट 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें |

वर्तमान मौसम में अमरूद, आम, जामुन, आंवला एवं नीबूं की देशी पौधों की शाखाओं के पौधों के ऊपर कलमी पौधों के कलम बांधने के अनुकूल है अत: किसान भाई कार्य को शुरू करें |

मिर्च

मिर्च की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती थी की मिर्च में लीफ्कर्ल रोग की संभावना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण के लिए इमेडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 170 मिली दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल कर मौसम साफ होने पर छिड़काव करें |

पशुपालन

• पशुपालन में खुरपका मुहपका बीमारी के टीके लगवाएं |

• पशुओं को 50-60 ग्राम नमक की मात्रा पानी में मिलाकर देवें, इससे पशुओं में बढ़ोत्तरी और प्रजनन शक्ति का विकास होता है |

• पशुशाला में पशुओं को मच्छरों एवं अन्य कीटों से बचाव हेतु गीला कूड़ा कचरा जलाकर धुआँ करें |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |



DSCL SUGAR 10 Jul 2020






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लखीमपुर खीरी जिले का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जिले में आज, कल और परसों माध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 36 तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 10 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको  विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं

 

धान

धान के पौध की रोपाई के लिए खेत तैयार करें और धान की 20-25 दिन पौध की रोपाई करें यदि धान की नर्सरी मे खैरा दिखाई दे तो 10 वर्ग मीटर एरिया में 20 ग्राम यूरिया 5 ग्राम जिंक सल्फेट प्रति लीटर पानी में घोल कर छिडकाव करें |

धान की उन्नतशील किस्में:- नरेंद्र-359, नरेंद्र धान-2026, नरेंद्र धान-2064, नरेंद्र धान-3112, नरेंद्र धान-2065, नरेंद्र ऊसर धान-2, सूरज-52, सीता, प्रो.एग्रो-6444, प्रो.एग्रो.6201, पूसा बासमती-1, मालवीय सुगंध-105, आर.एच-2, मालवीय सुगंध-3-4, नरेंद्र ऊसर धान-2008, आर.एच-1531 आदि बीजों की बुवाई कर सकते है |

धान की फसल में चौड़ी एवं संकर पत्ती के खरपतवार के नियंत्रण के लिए रोपाई के 2-3 दिन के अंदर अनिलोफ़ॉस 30% ई.सी. दाव या प्रिटलक्लोर दवा 1.25 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर 2-3 इंच पानी छिडकाव करें |

मक्का

मक्का की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की वर्षा होने की स्थिति खरीफ मक्का की अनुशंसित संकर किस्में जैसे:- डी-7074, डी-9144, एम-2525, गंगा, आजाद शेखर मक्का-2, आजाद उतम, आजाद कमाल आदि की बुवाई करें |

वर्षा न होने की स्थिति मक्का की प्रथम निराई-गुड़ाई 15 से 20 दिन के बाद करें |

मूंगफली

वर्षा न होने की स्थिति में मूंगफली की संतुलित संकर किस्में:- टा-64, कौशल गुच्छेदार, चंद्रा, ता-28 आदि की बुवाई करें

मूंगफली की बुवाई के लिए 70-80 किलो ग्राम बीज प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई करें |

मूंग

मूंग की पक्की फलियों की तुड़ाई कर मुड़ाई करके दाने को भूसे से अलग कर सुरक्षित भंडारण करें |

मूंग की पक्की फलियों की तुड़ाई करने के बाद बचे अवशेष को हरी खाद बनाने के लिए हैरो चलाकर मिटटी में दबा दें | 

तिल

तिल फसल की संतुलित किस्में:- टा-4, टा-78, शेखर प्रगति, तरुण, आर टी-351, आर टी-346 आदि में से किसी एक किस्म की बुवाई आसमान साफ होने पर करें |

बैंगन, फूलगोभी, टमाटर, मिर्च

वर्षा न होने की स्थिति में खरीफ में बोई जाने वाली सब्जियों जैसे:- बैंगन, टमाटर, फूलगोभी, मिर्च आदि की नर्सरी तैयार करें |

आम

आज के नये बागों की रोपाई के लिए गड्ढों की खुदाई कर खुला छोड़ दें |

पशु पालन

पशु पालन करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए हरे चारे के साथ 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रतिदिन खिलाएं तथा दिन में तीन बार स्वच्छ एवं ताजा पानी पिलायें |

पशुशाला के अंदर व बाहर मच्छर व कीट नियंत्रण के लिए फीनोल या कीटनाशक दवा का छिड़काव करें खुरपका या मुहपका रोग का टीकाकरण मानसून से पहले करवाएं |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन, कृषि कालेज, कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |

 



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हरदोई जिले का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

हरदोई

हरदोई जिले में आज, कल और परसों हल्की वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 36 तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है | 

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको  विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं

 

धान

धान के पौध की रोपाई के लिए खेत तैयार करें और धान की 20-25 दिन पौध की रोपाई करें यदि धान की नर्सरी मे खैरा रोग दिखाई दे तो 10 वर्ग मीटर एरिया में 20 ग्राम यूरिया 5 ग्राम जिंक सल्फेट प्रति लीटर पानी में घोल कर छिडकाव करें |

धान की उन्नतशील किस्में:- नरेंद्र-359, नरेंद्र धान-2026, नरेंद्र धान-2064, नरेंद्र धान-3112, नरेंद्र धान-2065, नरेंद्र ऊसर धान-2, सूरज-52, सीता, प्रो.एग्रो-6444, प्रो.एग्रो.6201, पूसा बासमती-1, मालवीय सुगंध-105, आर.एच-2, मालवीय सुगंध-3-4, नरेंद्र ऊसर धान-2008, आर.एच-1531 आदि बीजों की बुवाई कर सकते है |

धान की फसल में चौड़ी एवं संकर पत्ती के खरपतवार के नियंत्रण के लिए रोपाई के 2-3 दिन के अंदर अनिलोफ़ॉस 30% ई.सी. दवा या प्रिटलक्लोर दवा 1.25 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर 2-3 इंच पानी छिडकाव करें |

मक्का

मक्का की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की वर्षा होने की स्थिति खरीफ मक्का की अनुशंसित संकर किस्में जैसे:- डी-7074, डी-9144, एम-2525, गंगा, आजाद शेखर मक्का-2, आजाद उतम, आजाद कमाल आदि की बुवाई करें |

वर्षा न होने की स्थिति मक्का की प्रथम निराई-गुड़ाई 15 से 20 दिन के बाद करें |

मूंगफली

वर्षा न होने की स्थिति में मूंगफली की संतुलित संकर किस्में:- टा-64, कौशल गुच्छेदार, चंद्रा, ता-28 आदि की बुवाई करें

मूंगफली की बुवाई के लिए 70-80 किलो ग्राम बीज प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई करें |

मूंग

मूंग की पक्की फलियों की तुड़ाई कर मुड़ाई करके दाने को भूसे से अलग कर सुरक्षित भंडारण करें |

मूंग की पक्की फलियों की तुड़ाई करने के बाद बचे अवशेष को हरी खाद बनाने के लिए हैरो चलाकर मिटटी में दबा दें | 

तिल

तिल फसल की संतुलित किस्में:- टा-4, टा-78, शेखर प्रगति, तरुण, आर टी-351, आर टी-346 आदि में से किसी एक किस्म की बुवाई आसमान साफ होने पर करें |

बैंगन, फूलगोभी, टमाटर, मिर्च

वर्षा न होने की स्थिति में खरीफ में बोई जाने वाली सब्जियों जैसे:- बैंगन, टमाटर, फूलगोभी, मिर्च आदि की नर्सरी तैयार करें |

आम

आज के नये बागों की रोपाई के लिए गड्ढों की खुदाई कर खुला छोड़ दें |

पशु पालन

पशु पालन करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए हरे चारे के साथ 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रतिदिन खिलाएं तथा दिन में तीन बार स्वच्छ एवं ताजा पानी पिलायें |

पशुशाला के अंदर व बाहर मच्छर व कीट नियंत्रण के लिए फीनोल या कीटनाशक दवा का छिड़काव करें खुरपका या मुहपका रोग का टीकाकरण मानसून से पहले करवाएं |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन, कृषि कालेज, कृषि विज्ञान केंद्रकृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद 









सांगली महाराष्ट्र में भाई अज़हर शेख के यहां लगा ड्रैगन फ्रुट

तीन साल का विश्वास और मेहनत काम आयी और सफल हुई  और धड़ा धड़ बिक रहा हैं

 

 

 






















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हरयाणा राज्य का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है |

अम्बाला

अम्बाला जिले में  अगले चार दिनों तक हल्की वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

भिवानी

भिवानी जिले में आज हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 26 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

फ़रीदाबाद

फ़रीदाबाद जिले में आज, कल हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 24 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है

फतेहबाद

फतेहबाद जिले में आज, कल हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 25 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

गुरुग्राम

गुरुग्राम जिले में आज, कल हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

हिसार

हिसार जिले में आज हल्की वर्षा होने और बाकि मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 20 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

झज्जर

झज्जर जिले में आज हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

कैथल

कैथल जिले अगले चार दिनों तक हल्की वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 17 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

करनाल

करनाल जिले में अगले चार दिनों तक माध्यम से हल्की वर्षा होने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है

कुरुक्षेत्र

कुरुक्षेत्र जिले में अगले चार दिनों तक हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

महेंद्रगढ़  

महेंद्रगढ़ जिले में  आज, कल हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 28 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

मेवात

मेवात जिले में आज हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

पलवल

पलवल जिले में आज, कल हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

पंचकूला

पंचकूला जिले में  अगले चार दिनों तक वर्षा होने की सम्भावना अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 14 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

पानीपत

पानीपत जिले मे अगले चार दिनों तक हल्की वर्षा होने की संभावना अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

रेवाड़ी

रेवाड़ी जिले में  आज, कल हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 26 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

रोहतक

रोहतक जिले में आज हल्की वर्षा होने बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 28 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

सिरसा

सिरसा जिले में आज हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 26 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

सोनीपत

सोनीपत जिले में आज हल्की वर्षा होने और बाकि दिन मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 20 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

यमुना नगर

यमुना नगर जिले में अगले चार दिनों तक वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 11 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं

 

धान

किसान भाइयों को बासमती धन की नर्सरी लगाने के लिए खेत में 10 से 12 गाड़ी कम्पोस्ट खाद डालकर अच्छी तरह से जुताई करके बीजोपचार करने के लिए 10 ग्राम बाविस्टिन या 10 ग्राम एमिसान को 20 लीटर पानी में घोल कर 10 से 12 किलोग्राम बीज को 24घंटे भिगोकर छाया में 24 से 36 घंटे तक गीली बोरी से ढक कर रखें  तथा नर्सरी की बिजाई हेतु उपयोग करें 

धान में पदगलन और बकानी से बचाव के लिए धान की पनीरी उखाड़ने से 7 दिन पहले कार्बेन्डाजिम 1 ग्राम प्रति वर्ग मीटर की दर से रेत में मिलाकर पनीरी में एक साथ बिखेर ध्यान रहे की पनीरी में उथला पानी हो इस बीमारी यही एकमात्र बचाव है

जो किसान भाई धान की नर्सरी पहले ही लगा चुके हैं वे धान की नर्सरी में सायंकाल के समय पानी लगाये व सुबह 10-11 बजे तक पानी का निष्कासन कर दें,

पौधे पीले पड़ने या कमज़ोर रहने पर 100 लीटर पानी में 2 कि.ग्र. यूरिया व 500 ग्रा. जिंक सल्फेट मिलाकर प्रति एकड़ छिडकाव करें | 

जिन किसानो की धान की नर्सरी 25 से 30 दिन की हो गई हो तो किसान पौधों को कतार में रोपें

एक जगह दो या तीन पौधे लगायें |

कपास 

कपास की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बारिश की संभावना को देखते हुए फसल में सिंचाई व रसायनिक छिडकाव पूर्ण रूप से रोक दें बारिश होने के कारण अगर कपास के खेत में पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें |

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की मौसाम को ध्यान में रखते हुए कपास की निराई गुड़ाई कर नमी बनाई रखें |  

अरहर

अरहर की खेती करने वाले किसन भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बिजाई रोक दें अगर अरहर के खेत में अतिरिक्त पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें और नुकसान से बचें |

बाजरा

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बदलते मौसम को ध्यान में रख कर फसल की बिजाई करें बाजरे की फसल में मिटटी की नमी के संरक्षण और खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई गुड़ाई भी करें अगर बाजरा के खेत में अतिरिक्त पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें और नुकसान से बचें |

ग्वार

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है ग्वार की बिजाई रोक दें अगर ग्वार के खेत में अतिरिक्त पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें और नुकसान से बचें |

प्याज

प्याज की खेती करने वाले किसान भाईओं को यह सलाह दी जाती है की प्याज की समय से बोयी गई फसल में थ्रिप्स के संक्रमण की लगातार निगरानी करते रहें |

टमाटर

टमाटर की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की टमाटर की फसल को फल छेदक कीट से बचाव के लिए कीट ग्रसित फलों तथा प्रोहरों को इक्कट्ठा कर नष्ट कर दें

यदि कीट की संख्या अधिक हो और आसमान भी साफ़ हो तो स्पिनोसेड कीटनाशी दवा 48 ई.सी को  1 मि.ली. लेकर  4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें

पौधशाला को तेज धूप से बचाने के लिए 40% छायादार नेट द्वारा 6.5 फीट की उंचाई पर ढका जा सकता है 

भिंडी

भिंडी की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की हल्की बारिश होने की सम्भावना है तो किसान भाई भिन्डी की फसल में सिंचाई न करें |

करेला

करेले की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की हल्की बारिश होने की सम्भावना है तो किसान भाई करेले की फसल में सिंचाई न करें |

हल्दी

हल्दी की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की यह मौसम हल्दी की खेती के लिए उपयुक्त है , किसानो से निवेदन है की अपने खेतों में हल्दी की बिजाई करें |

घीया

घीया की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की घीया की फसल में 4 मि.ली. ईथरल को 20 ली. पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिडकाव करने से पौदावार में वृद्धि होती है | 

फल एवं सब्जियां

फल एवं सब्जियों के पौधों में आवश्कतानुसार सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें तथा खीरा, तुरई आदि की बुवाई जल्दी पूरी करें |

गन्ना

गन्ने की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान अपनी गन्ने की फसल की निराई-गुड़ाई करें |

पशु पालन

पशु पालन करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए हरे चारे के साथ 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रतिदिन खिलाएं |

सभी किसान भाइयों को यह सलह दी जाती है कि फल अवशेषों को न जलाएं ताकि पर्यावरण स्वच्छ रहें तथा भूमि की उर्वरा शक्ति कम न हो  फसल अवशेषों को भूमि में दबाएं जिससे उर्वरा शक्ति बनी रहे ताकि आगामी फसल से सही उत्पदान लिया जा सके |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |








www.mausam.imd.gov.in

उत्तरकाशी जिले का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

उत्तरकाशी

उत्तरकाशी जिले में अगले चार दिनों तक माध्यम से भारी वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 24 तथा न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 7 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है

किसान भाइयों को कृषि सलाह

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की मौसम को ध्यान में रखते हुए फसलों से वर्षाजल निकास का उचित प्रबंध करें |

मंडुवा, रामदाना, मक्का, दलहनी/तिलहनी फसलों की बुवाई संपन्न करें फ्रास्बीन की फलियों की तुडाई कर विपणन करें |

शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर, काढू आदि पौध का प्रत्यारोपण करे कीट नियंत्रण के लिए खेतों के किनारों पर गेंदा फूल पौध का रोपण करें |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको  विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सला के बारे में बताने जा रहे हैं

 

धान

रोपाई से 10 दिन के अंदर मरे पौधों की जगह नई पौध का रोपण करें खेतों के किनारों को मजबूत रखें तथा खरपतवार निकाल दें |

टमाटर

टमाटर की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की पौधों को सीधा रखें तथा खेत में आतिरिक्त वर्षाजल एकत्र न होने दें | कीट नियंत्रण करने के लिए फेरोमे/ प्रकाश प्रपंच स्थापित करें |

फल

फल की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की पके हुए फलों तुड़ाई कर लें फलों का रस निकलकर स्क्वाश आदि बनाने के लिए प्रति लीटर रस में 1 ग्राम पोटेशियम मेटाबाई सल्फाइट परिरक्षित करें |

फलों को पक्षियों से बचाने के लिए पक्षी अवरोधक जाल से फल वृक्षों को ढक दें |

अदरक एवं हल्दी

अदरक एवं हल्दी की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की अदरक एवं हल्दी निराई गुड़ाई कर मिटटी चढ़ाने का कार्य करें | खेतों में वर्षाजल का उचित निकास करें |

बैंगन

बैंगन के खेत में वर्षाजल एकत्र न होने दें खरपतवार नियंत्रण के लिए फेरोमेन या प्रकाश प्रपंच स्थापित करें रोग प्रभावित फसल को निकाल कर गढ्ढे मई दबा दें |

नीबूं

इस समय नीबूं की खेती में गुटी बांधने का कार्य कर सकते है |

आलू

अगेती फसल की खुदाई कर विपणन करें |  

पशु पालन

पशु पालन करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए हरे चारे के साथ 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रतिदिन खिलाएं तथा दिन में तीन बार स्वच्छ एवं ताजा पानी पिलायें |

पशुशाला के अंदर व बाहर मच्छर व कीट नियंत्रण के लिए फीनोल या कीटनाशक दवा का छिड़काव करें खुरपका या मुहपका रोग का टीकाकरण मानसून से पहले करवाएं | पशुचिकित्सक से परामर्श लेकर पेट के कीड़ों की दवा व बरसात मौसम में होने वाली विभिन्न रोगों से बचाव हेतु टीकाकरण करवाएं |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन, कृषि कालेज, कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |

 




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मध्य प्रदेश राज्य का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा तैयार विशेष बुलेटिन 54/2020 जिसे जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविधालय जबलपुर और राजमाता विजयराजे सिंधियां कृषि विश्वविधालय ग्वालियर एवं मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार दिनांक 7 जुलाई  2020 को जारी किया गया है के अनुसार  

मध्य नर्मदा क्षेत्र

जिसमें नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले आते हैं में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ भारी वर्षा होने का  अनुमान है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

गिर्द क्षेत्र

जिसमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले आतें हैं में पांच दिनों के दौरान मौसम साफ रहने के साथ बहुत हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 5 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

सतपुड़ा पठार क्षेत्र 

जिसमें बैतूल, और छिंदवाडा जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

बुंदेलखंड क्षेत्र

जिसमें दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर जिले आतें है मे पांच दिनों के दौरान हल्की वर्षा होने का अनुमना है अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 10 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |                     

विन्ध्य पठार क्षेत्र

जिसमें सागर, दमोह, भोपाल, सिहोर, रायसेन, विदिशा जिले आते है में पांच दिनों के दौरान हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 5 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

झाबुआ पहाड़ियाँ क्षेत्र

जिसमें झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलें आतें है में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 20 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

मालवा पठार क्षेत्र

जिसमें उज्जैन, इंदौर, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, देवदास, नीमच जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 17 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको  विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं

 

अरहर की खेती  

अरहर की खेती करने वाले किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि अरहर की फसल की बोनी हेतु उन्नत शील एवं कम अवधि में पकने वाली प्रजातियाँ जैसे : टी.जे.टी-501, जवाहर अरहर-4, जे.के.एस-7 एवं 189, आई.सी.पी.एल.- 88039, पूसा-992, पूसा-16, आदि का चयन कर बीज कार्य कर पलेवा कर बोनी करें |

ग्वार, बाजरा एवं तिल

इस समय ग्वार, बाजरा एवं तिल की बोनी हेतु पर्याप्त वर्षा हो चुकी है अत: बतर आने पर खेतों की तैयारी करें व उर्वरक एवं उन्नतशील किस्मों के बीजों का चयन करें व बीजोपचार कर बोनी करें |

धान की नर्सरी

इस समय धान की नर्सरी हेतु खेतो को तैयार कर धान की नर्सरी डालें व तैयार पौध में खरपतवार नियंत्रण करें एवं समय समय अवश्कतानुसार सिंचाई करें |

धान की उन्नतशील किस्मे : जे.आर.345, जे.आर.201

मध्यम अवधि की किस्में: आई.आर.64, आई.आर.54, माधुरी, क्रांति महामाया, पूसा बासमती आदि लगाई जा सकती हैं  

धान की नर्सरी का बैड बनाने के लिए बैड की ऊंचाई  5 से 6 इंच एवं चौडाई 4 फीट होनी चाहिए

नर्सरी की अच्छी बढ़वार के लिए सड़ी गोबर की खाद एवं कम्पोस्ट खाद नर्सरी बैड में डालें |

मक्का

मक्का की खेती करें वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बुवाई से पहले 2.0 ग्राम थायरम या 1.0 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलो बीज से उचारित कर फिर 5.0 ग्राम राईजोबियम कल्चर व पी.एस.बी कल्चर से उपचारित करें |

मक्का मे कतार से कतार की दूरी 60 से 75 सेमी. व पौध से पौध की दूरी 20 से 25 सेमी. की रखें |

मक्का की उन्नतशील किस्में जैसे:- जे.एस.-12, जे.एस.216,

मक्का की 20-25 दिन की फसल में घांस कुल या कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण के लिए लाऊडिस दवा 115 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से छिडकाव करें

मक्का की 25 दिन की खाड़ी फसल में नाइट्रोजन धारी उर्वरकों का प्रयोग करें खेतों में पक्षियों के बैठने हेतु टी आकार की खूंटियां 100 प्रति एकड़ की दर से लगाएं पोंगलियों में राख, लकड़ी का बुरादा या बारीक रेत डालें |

सोयाबीन की खेती

खेतों की अंतिम जुताई के बाद अनुशंसित गोबर की खाद 10 टन या मुर्गी की खाद 2.5 टन की दर से खेत मे डालकर अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें बुवाई से पहले 2.0 ग्राम थायरम या 1.0 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलो बीज से उचारित कर फिर 5.0 ग्राम राईजोबियम कल्चर व पी.एस.बी कल्चर से उपचारित करें |

सोयाबीन की बीमारी से प्रतिरोधक क्षमता वाली किस्में : जे.एस. 95-60, जे.एस. 20-29, जे.एस. 20-34, जे.एस. 20-94, एन.आर.सी 86 आदि लगाएं |

मेढ नाली पद्धति के लिए उपयुक्त किस्में : एन.आर.सी 37, जे.एस. 20-29, आर.वी.एस 2001-4, जे.एस. 20-34, जे.एस. 20-98, एन.आर.सी 86 आदि लगाएं |

बुवाई के तुरंत बाद उपयोग में लाये जाने वाली अनुसंशित खरपतवार नाशक पेंडामेथालिन 3.25 लीटर दवा प्रति हक्टेयर 500 लीटर पानी में मिलाकर कट नोज़ल का उपयोग कर खेतों मे समान रूप से छिड़काव करें |

पीला मोजेक बीमारी की रोकथाम हेतु अनुशंसित कीटनाशी ईमिडाक्लोरप्रीड दवा 48 एफ.एस. जिसे 1 मिली प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से बीज उपचारित करें |

सोयाबीन में मोनोकोट या डाइकोट खरपतवार के प्रबंधन के लिए उपयुक्त उपाय जैसे डोरा या कुलपा निराई या अनुशंसित खरपतवारनाशी का उपयोग करें |

सोयाबीन में पत्ती खाने वाले कीटों के हमले से फसल को बचाने के लिए क्लोरेंट्रनिलिप्रोएल 18.5 एस.सी. दवा को 150 पानी में घोल कर प्रति हक्टेयर छिडकाव करें |

बैंगन व भिंडी की खेती

इस समय बैंगन व भिंडी में फल छेदक कीट की संभावना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु क्यूनालफास 25 ई.सी. 2 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

टमाटर व मिर्च की खेती

इस समय ग्रीष्म कालीन टमाटर व मिर्च में लीफकर्ल रोग की संभवना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 750 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

गन्ने की खेती

गन्ने की फसल 90, 120 एवं 150 दिनों की होने पर यूरिया का छिडकाव करें तना छेदक एवं पायरिल्ला कीटों का प्रकोप होने पर फोरेट 10 जी दवा 15 किलो ग्राम प्रति हक्टेयर कूड़ों मे डालकर मिटटी चढ़ाएं |

कपास

खेतों की अंतिम जुताई के बाद अनुशंसित गोबर की खाद 10 टन या मुर्गी की खाद 2.5 टन की दर से खेत मे डालकर अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें |  

सिंचित कपास की बुवाई जून के पहले से दुसरे सप्ताह में अनुशंसित दुरी पर करें बुआई के समय एनपीके 60 किलोग्राम/हेक्टेयर की दर से उपयोग करें |

जून में समय पर बुवाई करने से गुलाबी बोर्लवर्म के शुरूआती संक्रमण से बचने मे मदद मिलती है इसलिए किसानो को सलाह दी जाती है की वे जल्द से जल्द बुआई पूरी करें |

जो किसान भाई कपास में बोनी के समय कोई खाद नहीं दे पाए है, वे 30 दिन की कपास में 20 कि.ग्रा. यूरिया + 35 कि.ग्रा. डी.ए.पी. + 20 कि.ग्रा. पोटाश प्रति एकड़ जड़ों के पास रिंग बनाकर या कॉलम विधि से दें |

कपास में रसचुसक कीट का प्रकोप दिखाई देने पर नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मि.ली. दवा या इमिडाक्लोप्रिड + एसिफेट 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें |

हल्दी, अदरक तथा अरवी  

हल्दी, अदरक, अरवी आदि में समय समय पर सिचाई करें एवं अनुशंसित उर्वरक की मात्रा दें | 

टमाटर, फूलगोभी, प्याज, मिर्च, पपीते

टमाटर, फूलगोभी, प्याज, मिर्च, पपीते अदि की पौध तैयार करें |

अमरूद, आम, जामुन, आंवला एवं नीबूं

वर्तमान मौसम में अमरूद, आम, जामुन, आंवला एवं नीबूं की देशी पौधों की शाखाओं के पौधों के ऊपर कलमी पौधों के कलम बांधने के अनुकूल है अत: किसान भाई की कार्य को शुरू करें |

मिर्च

मिर्च की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती थी की मिर्च में लीफ्कर्ल रोग की संभावना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण के लिए इमेडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 170 मिली दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल कर मौसम साफ होने पर छिड़काव करें |

पशुपालन एवं मुर्गीपालन

पशुओं एवं पक्षियों को तेज़ धुप व गर्म हवा से बचाव के उपाय करें

पशुओं को दिन में तीन बार स्वच्छ ताजा पानी पिलाएं एवं लू के लक्षण दिखने पर नमक एवं शक्कर मिश्रित पानी पिलायें |

पशुओं के एन्थ्रेक्स, गलघोटू लंगड़ी बुखार, एफ.एम.डी. का टीका लगवाएं |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |

 




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मध्य प्रदेश राज्य का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा तैयार विशेष बुलेटिन 53/2020 जिसे जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविधालय जबलपुर और राजमाता विजयराजे सिंधियां कृषि विश्वविधालय ग्वालियर एवं मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में शुक्रवार दिनांक 3 जुलाई  2020 को जारी किया गया है के अनुसार  

मध्य नर्मदा क्षेत्र

जिसमें नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले आते हैं में पांच दिनों के दौरान वर्षा होने का  अनुमान है अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 12 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

गिर्द क्षेत्र

जिसमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले आतें हैं में पांच दिनों के दौरान हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 5 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

सतपुड़ा पठार क्षेत्र 

जिसमें बैतूल, और छिंदवाडा जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 14 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

बुंदेलखंड क्षेत्र

जिसमें दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर जिले आतें है मे पांच दिनों के दौरान वर्षा होने का अनुमना है अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 7 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |                                                                                       विन्ध्य पठार क्षेत्र

जिसमें सागर, दमोह, भोपाल, सिहोर, रायसेन, विदिशा जिले आते है में पांच दिनों के दौरान हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

झाबुआ पहाड़ियाँ क्षेत्र

जिसमें झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलें आतें है मे में पांच दिनों के दौरान बादल छाये रहने के साथ  वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

मालवा पठार क्षेत्र

जिसमें उज्जैन, इंदौर, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, देवदास, नीमच जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको  विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं

 

अरहर की खेती  

अरहर की खेती करने वाले किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि अरहर की फसल की बोनी हेतु उन्नत शील एवं कम अवधि में पकने वाली प्रजातियाँ जैसे : टी.जे.टी-501, जवाहर अरहर-4, जे.के.एस-7 एवं 189, आई.सी.पी.एल.- 88039, पूसा-992, पूसा-16, आदि का चयन कर बीज कार्य कर पलेवा कर बोनी करें |

ग्वार, बाजरा एवं तिल

इस समय ग्वार, बाजरा एवं तिल की बोनी हेतु पर्याप्त वर्षा हो चुकी है अत: बतर आने पर खेतों की तैयारी करें व उर्वरक एवं उन्नतशील किस्मों के बीजों का चयन करें व बीजोपचार कर बोनी करें |

धान की नर्सरी

इस समय धान की नर्सरी हेतु खेतो को तैयार कर धान की नर्सरी डालें व तैयार पौध में खरपतवार नियंत्रण करें एवं समय समय अवश्कतानुसार सिंचाई करें |

धान की उन्नतशील किस्मे : जे.आर.345, जे.आर.201

मध्यम अवधि की किस्में: आई.आर.64, आई.आर.54, माधुरी, क्रांति महामाया, पूसा बासमती आदि लगाई जा सकती हैं  

धान की नर्सरी का बैड बनाने के लिए बैड की ऊंचाई  5 से 6 इंच एवं चौडाई 4 फीट होनी चाहिए

नर्सरी की अच्छी बढ़वार के लिए सड़ी गोबर की खाद एवं कम्पोस्ट खाद नर्सरी बैड में डालें |

मक्का

मक्का की खेती करें वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बुवाई से पहले 2.0 ग्राम थायरम या 1.0 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलो बीज से उचारित कर फिर 5.0 ग्राम राईजोबियम कल्चर व पी.एस.बी कल्चर से उपचारित करें |

मक्का मे कतार से कतार की दूरी 60 से 75 सेमी. व पौध से पौध की दूरी 20 से 25 सेमी. की रखें |

मक्का की उन्नतशील किस्में जैसे:- जे.एस.-12, जे.एस.216,

मक्का की 20-25 दिन की फसल में घांस कुल या कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण के लिए लाऊडिस दवा 115 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से छिडकाव करें

सोयाबीन की खेती

खेतों की अंतिम जुताई के बाद अनुशंसित गोबर की खाद 10 टन या मुर्गी की खाद 2.5 टन की दर से खेत मे डालकर अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें बुवाई से पहले 2.0 ग्राम थायरम या 1.0 ग्राम कार्बेन्डाजिम प्रति किलो बीज से उचारित कर फिर 5.0 ग्राम राईजोबियम कल्चर व पी.एस.बी कल्चर से उपचारित करें |

सोयाबीन की बीमारी से प्रतिरोधक क्षमता वाली किस्में : जे.एस. 95-60, जे.एस. 20-29, जे.एस. 20-34, जे.एस. 20-94, एन.आर.सी 86 आदि लगाएं |

मेढ नाली पद्धति के लिए उपयुक्त किस्में : एन.आर.सी 37, जे.एस. 20-29, आर.वी.एस 2001-4, जे.एस. 20-34, जे.एस. 20-98, एन.आर.सी 86 आदि लगाएं |

बुवाई के तुरंत बाद उपयोग में लाये जाने वाली अनुसंशित खरपतवार नाशक पेंडामेथालिन 3.25 लीटर दवा प्रति हक्टेयर 500 लीटर पानी में मिलाकर कट नोज़ल का उपयोग कर खेतों मे समान रूप से छिड़काव करें |

पीला मोजेक बीमारी की रोकथाम हेतु अनुशंसित कीटनाशी ईमिडाक्लोरप्रीड दवा 48 एफ.एस. जिसे 1 मिली प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से बीज उपचारित करें |

सोयाबीन में मोनोकोट या डाइकोट खरपतवार के प्रबंधन के लिए उपयुक्त उपाय जैसे डोरा या कुलपा निराई या अनुशंसित खरपतवारनाशी का उपयोग करें |

सोयाबीन में पत्ती खाने वाले कीटों के हमले से फसल को बचाने के लिए क्लोरेंट्रनिलिप्रोएल 18.5 एस.सी. दवा को 150 पानी में घोल कर प्रति हक्टेयर छिडकाव करें |

बैंगन व भिंडी की खेती

इस समय बैंगन व भिंडी में फल छेदक कीट की संभावना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु क्यूनालफास 25 ई.सी. 2 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

टमाटर व मिर्च की खेती

इस समय ग्रीष्म कालीन टमाटर व मिर्च में लीफकर्ल रोग की संभवना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 750 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

गन्ने की खेती

गन्ने की फसल 90, 120 एवं 150 दिनों की होने पर यूरिया का छिडकाव करें तना छेदक एवं पायरिल्ला कीटों का प्रकोप होने पर फोरेट 10 जी दवा 15 किलो ग्राम प्रति हक्टेयर कूड़ों मे डालकर मिटटी चढ़ाएं |

कपास

खेतों की अंतिम जुताई के बाद अनुशंसित गोबर की खाद 10 टन या मुर्गी की खाद 2.5 टन की दर से खेत मे डालकर अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें |  

सिंचित कपास की बुवाई जून के पहले से दुसरे सप्ताह में अनुशंसित दुरी पर करें बुआई के समय एनपीके 60 किलोग्राम/हेक्टेयर की दर से उपयोग करें |

जून में समय पर बुवाई करने से गुलाबी बोर्लवर्म के शुरूआती संक्रमण से बचने मे मदद मिलती है इसलिए किसानो को सलाह दी जाती है की वे जल्द से जल्द बुआई पूरी करें |

जो किसान भाई कपास में बोनी के समय कोई खाद नहीं दे पाए है, वे 30 दिन की कपास में 20 कि.ग्रा. यूरिया + 35 कि.ग्रा. डी.ए.पी. + 20 कि.ग्रा. पोटाश प्रति एकड़ जड़ों के पास रिंग बनाकर या कॉलम विधि से दें |

कपास में रसचुसक कीट का प्रकोप दिखाई देने पर नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मि.ली. दवा या इमिडाक्लोप्रिड + एसिफेट 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें |

हल्दी, अदरक तथा अरवी  

हल्दी, अदरक, अरवी आदि में समय समय पर सिचाई करें एवं अनुशंसित उर्वरक की मात्रा दें | 

टमाटर, फूलगोभी, प्याज, मिर्च, पपीते

टमाटर, फूलगोभी, प्याज, मिर्च, पपीते अदि की पौध तैयार करें |

अमरूद, आम, जामुन, आंवला एवं नीबूं

वर्तमान मौसम में अमरूद, आम, जामुन, आंवला एवं नीबूं की देशी पौधों की शाखाओं के पौधों के ऊपर कलमी पौधों के कलम बांधने के अनुकूल है अत: किसान भाई की कार्य को शुरू करें |

पशुपालन एवं मुर्गीपालन

पशुओं एवं पक्षियों को तेज़ धुप व गर्म हवा से बचाव के उपाय करें

पशुओं को दिन में तीन बार स्वच्छ ताजा पानी पिलाएं एवं लू के लक्षण दिखने पर नमक एवं शक्कर मिश्रित पानी पिलायें |

पशुओं के एन्थ्रेक्स, गलघोटू लंगड़ी बुखार, एफ.एम.डी. का टीका लगवाएं |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |