Arun K Sharma's Profile. Go To Timeline

First Name*

Last Name*

Father Name*

Email*

Mobile Number*

eg:1234567890

Country

State

District

Tehsil

Village

Pincode

Gender*

Date of Birth*

Arun K Sharma 07 Mar 2021


मशहूर डच कम्पनी ग्रीन पी ने भांग के सूखे पत्तों से एक अनूठा मूत्रालय तैयार किया है जिससे न सिर्फ बहुमूल्य पानी की बचत हो रही है अपितु नाइट्रोजन रिच खाद भी मिल रही है जिसे बागवानी में प्रयुक्त करके रासयनिक खादों पर निर्भरता कम की सकती है | इस अनूठे मूत्रालय को GreenPee कम्पनी ने नीदरलैंड की राजधानी अमेसट्रेडम शहर में स्थापित किया | यह मूत्रालय अपने अनूठे डिजाईन के कारण खुले में पेड़ों के नीचे बड़ी आसानी से स्थापित किया जा सकता है | 


  • 0 Thanks


Arun K Sharma 18 Feb 2021


वनस्पति संरक्षण तथा वनस्पति क्वारंटीन(एस.एम.पी.पी.क्यू.) पर उपमिशन

 

मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी कीटनाशक निर्माताओं को 6788 पंजीकरण प्रमाणपत्र  यानि सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन  तथा कीटनाशकों के निर्यात के लिए 1011 सर्टिफिकेट ऑफ़ रजिस्ट्रेशन जारी किए गए हैं 

कृषि तथा किसान कल्याण विभाग वनस्पति संरक्षण तथा वनस्पति क्वारंटीन(एस.एम.पी.पी.पी.क्यू.) योजना के माध्यम से नियामक, निगरानी तथा मानव संसाधन विकास का कार्य कृषि फसलों की गुणवत्ता और उपज में कम से कम नुकसान के लक्ष्य के साथ कार्य करता है।

कृषि फसलों की गुणवत्ता और मात्रा को कीड़े, मकोड़े, बीमारियों, घास-पात, कीड़ों तथा चूहे, गिलहरी आदि से नुकसान होता है।

विदेशी प्रजातियों के आक्रमण और फैलाव से जैव सुरक्षा को संरक्षित करने के लिए 1200 से अधिक पैक हाउस,राइस मिल्स, प्रोसेसिंग इकाइयों, शोधन सुविधाओं, सुगंधी देने वाली एजेंसियों तथा प्रवेश बाद क्वारंटीन सुविधाओं का पुनःवैधिकरण किया गया है ताकि कृषि निर्यात कार्य में सहायता मिल सके।

एकीकृत कीटनाशक प्रबंधन तथा कीटनाशकों के उचित उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए लॉक डाउन के दौरान राज्यों को 14 फसल विशेष तथा कीट विशेष प्रैक्टिस पैकेज जारी किए गए हैं।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी कीटनाशक निर्माताओं को 6788 पंजीकरण प्रमाण पत्र (सीआर) तथा कीटनाशकों के निर्यात के लिए 1011 सीआर जारी किए गए हैं। विनाशकारी कीड़ा-मकोड़ा अधिनियम 1914 तथा कीटनाशक अधिनियम 1968 में नियामक कार्य के लिए कानूनी ढांचा का प्रावधान है।

2020-21 के दौरान भारत टिड्डियों को प्रोटोकॉल तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं को तय करने के बाद ड्रोन के इस्तेमाल से टिड्डियों पर नियंत्रण करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है।

राज्यों के सहयोग से केंद्र सरकार द्वारा भारत के इतिहास में सबसे बड़ा टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया। 10 राज्यों के 5.70 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रों में टिड्डियों के आक्रमण को काबू में किया गया।

टिड्डी नियंत्रण के लिए हेलीकॉप्टरों द्वारा कीटनाशकों के छिड़काव के लिए तैनाती करके टिड्डी सर्किल ऑफिसरों (एलसीओ) की नियंत्रण क्षमताओं को मजबूत बनाया गया है। अभी तक एलसीओ द्वारा 2,87,986 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण कार्रवाई की गई है जबकि राज्य सरकारों द्वारा 2,83,268 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण कार्य किया गया है।

कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय ने 2020 में स्थानीय बाजार में प्याज की कीमत स्थिर रखने और प्याज की उपलब्धता के लिए भारत में प्याज के आयात की शर्तों में छूट दी है।

ईरान से गाजर के बीज, उज्बेकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया से गेहूं आटा, बासमती चावल, अनार के बीज से मंगाने तथा आम, बासमती चावल तथा सिसम के बीज अर्जेंटीना से और 2021 के दौरान पेरू से मूंगफली मंगाने के लिए बाजार पहुंच बनाई गई।                     


  • 0 Thanks


Arun K Sharma 18 Feb 2021


अम्बाला जिले  की एग्रोएडवाइजरी 

जारी करने की तारीख 16 फ़रवरी 2021


  • 0 Thanks


Arun K Sharma 14 Jan 2021


मकर संक्रांति

सूर्य की निशुल्क ऊर्जा के सदुपयोग को दर्शाता त्योहार'

हमे सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब कोई चीज फ्री में या उपहार(गिफ्ट) के रूप में मिलती है खेती में बिजली, पानी फ्री, यूरिया सस्ता होता है तो लगता है बहुत कुछ मिल गया। लेकिन फ्री की चीज का अधिकतर दुरुपयोग होता है जैसे बिजली फ्री तो भूजल खत्म कर दिया।

यूरिया से खेत ख़त्म, पेस्टिसाइड से तो सब कुछ ख़त्म , यानी मुफ्त की चीज का यदि सदुपयोग न हो तो वही सबसे बड़ा दुख का कारण बनती है। मकर संक्रांति जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक अनेक नाम (माघी, उत्तरायण, संक्रांत, पोंगल आदि) से मनाया जाता है।

ये त्योहार सूर्य की ऊर्जा के महत्व और सदुपयोग को दर्शाता है जिसे समझकर ये पूरे देश मे मनाया जाता है नाम अलग हो सकते हैं। सौर ऊर्जा का सदुपयोग खेत मे पेड़, पशु और फसल तीनो के सम्मिलित उपयोग से ही सम्भव है अगर इस ऊर्जा का सही पृयोग न किया जाए तो ये खेती बर्बाद भी कर सकती है जैसा कि वर्तमान में 'एकल फसल' खेती के कारण हो रहा है।

ये एकल फसल खेती (monoculture) वो भी भेड़ चाल में 

आज खेती को आत्मनिर्भर बनाने में सबसे बड़ी बाधा है। गर्म होती धरती में भी ये एकल खेती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। आश्चर्य है फ्री की सौर ऊर्जा का हम सदुपयोग नहीं कर रहे हैं उस सिर्फ बिजली बनाने तक सीमित कर दिया है। खेती को बचाया रखना है तो पेड़ और पशु को साथ रखकर ही खेती करने का प्रयास करने होंगे इससे न केवल सौर ऊर्जा का सदुपयोग होगा वरन खेती आत्मनिर्भर भी होगी।

साथ ही सौर ऊर्जा का उपयोग फल सब्जी सुखाने और संसाधित (processing) करने से किसान की आय में बढ़ोत्तरी होगी और बहुत सारा खाद्यान्न नष्ट होने से बच जाएगा।

तभी इस त्योहार का संदेश सार्थक होगा। धन्यवाद और शुभकामनाएं।


  • 0 Thanks


Arun K Sharma 25 Dec 2020



  • 0 Thanks


Arun K Sharma 21 Dec 2020






पहला सुख निरोगी काया।जैसा अन्न वैसा मन।उत्तम खेती मध्यम व्यापार।धरती का सबसे पवित्र कार्य खेती जिससे न केवल मानव वरन अरबों अन्य जीवों का जीवन चलता है।इस कार्य को पवित्र ही रखा जाए ,न भूमि में जहर डाला जाए खिलाया जाए।ऐसे पवित्र कार्य कर रहे समस्त किसान भाइयों को प्रणाम।


  • 0 Thanks


Arun K Sharma 19 Dec 2020







  • 0 Thanks


Arun K Sharma 30 Nov 2020



  • 0 Thanks


Arun K Sharma 30 Nov 2020



  • 0 Thanks


Arun K Sharma 30 Nov 2020



  • 0 Thanks