Friday, 15 May 2020

Solidaridad & Vodafone India Foundation





आदरणीय सरपंच महोदय

नमस्कार

यह सन्देश आपको सॉलीडैरीडैड और वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन  के द्वारा दिया जा रहा है |

आज के इस एपिसोड में हम आपको भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान, इंदौर के द्वारा काली मिटटी के लिए विकसित किये गये ब्रॉड बेड फरो सीड ड्रिल नामक यंत्र के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं |

विगत वर्षो में वैश्विक मौसम में बदलाव को देखते हुए ऐसी तकनीकों का उपयोग जरुरी हो गया है जिनको अपनाने से सोयाबीन की उपज पर अनिश्चित मौसम का विपरीत असर को  कम से कम किया जा सके।

ऐसी हीं एक तकनीक बोवनी के तरीके में बदलाव लाने की है |

इस बोवनी की तकनीक को अपनाने से बरसात के मौसम में अतिवृष्टि अथवा अल्पवृष्टि, दोनों हीं दशाओ में फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है |

इस बोवनी की तकनीक को अपनाने हेतु भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, खंडवा रोड इंदौर ने ब्रॉड बेड फरो नामक एक बोवनी यंत्र विशेषकर काली मिटटी में उपयोग के लिए विकसित किया है, जिसे बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल के नाम से भी जाना जाता है |

इस यन्त्र से बोवनी एक चौड़ी पट्टी होकर , जिसके आस पास दोनों तरफ नाली बन जाती है |

आइये अब हम आपको इस यन्त्र से बोवनी करने से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी देते हैं |

  1. भूमि  की जल-धारण वृद्धि के साथ साथ अधिक उत्पादन भी प्राप्त किया जा सकता है |
  2. बी.बी.ऍफ़. एक बहु-उपयोगी सीड ड्रिल है जिसमें बोवाई के समय बीज की गहराई घटाने बढाने की सुविधा दी गयी है , इस तकनीकी से बुवाई करने से बीज रपाता नहीं है |
  3. इस सीड ड्रिल में फसल के अनुसार बोवनी के लिए लाइन से लाइन की दूरी बदलने की सुविधा है, इसीलिए इसका उपयोग रबी एवं खरीफ दोनों हीं मौसमों में किया जा सकता है |
  4. इस सीड ड्रिल के उपयोग से खेत में बेड और नालियाँ बन जाते हैं और जिससे जमीन की नमी बढ़ती है व् वर्षा का अतिरक्त जल की खेत से निकासी हो जाती है अथवा उसका खेत के किनारे नाली बनाकर/ छोटा तालाब बनाकर संचित किया जाकर इसका उपयोग रबी की फसल में किया जा सकता है |
  5. इस सीड ड्रिल के उपयोग से भूमि के जलस्तर में वृद्धि होती है |

किसान भाइयों समतल विधि से बौनी करने में यदि फसल की अवधि में लम्बे लम्बे सूखे के दौर आने पर फसल को नुकसान से बचाना कठिन हो जाता है क्योंकि अधिकतर किसान बरानी खेती करते है |

दूसरी तरफ अतिवृष्टि होने पर खेत में पानी भरने से फसल को नुकसान होता है. अतः आप को सलाह है कि कृपया बोवनी के लिए बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल का उपयोग करें जिससे ऊपर बताई गयी अवस्थाओं में फसल तो नुकसान न हो |

बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल के साथ नौ दाते भी दिए जाते हैं जिनसे गेहूं और चने की बुवाई भी बड़ी आसानी से की जा सकती है |

बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल के साथ बीज को ढकने के लिए सीड कवरर की सुविधा यद्यपि वैकल्पिक है पर सलाह है कि उनका उपयोग अवश्य करें |

भारतीय सोयाबीन अनुसन्धान संस्थान द्वारा विकसित  यह बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल बेहद मजबूत होती है इसी लिए इसमें किसी प्रकार की टूट फूट की संभवाना नही के बराबर होती है |

बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल द्वारा बनने वाली नालियों की चौड़ाई भी आवश्यकतानुसार घटाई बधाई जा सकती है |

बी.बी.ऍफ़. सीड ड्रिल यंत्र को प्राप्त करने के लिए कार्यालय निदेशक भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान खंडवा रोड इंदौर मध्यप्रदेश में सम्पर्क किया जा सकता है |

संपर्क करने के लिए

एस टी डी कोड 0731 और टेलीफोन नम्बर 2476188,  2478414 पर बात करें

ईमेल भेजने का पता है  :-       soybean.director@icar.gov.in

आपसे निवेदन है कि आपके फोन के मैसेज बॉक्स में हमने जो लिंक भेजा है, उसे कृपया आप अपने स्थानीय व्हाट्स एप्प ग्रुप में शेयर कर दें ताकि आपके माध्यम से यह महत्वपूर्ण सूचनाएं आपके क्षेत्र में जन जन तक पहुँच कर आम जन को लाभान्वित करें |

यदि आप स्वयं कोई स्थानीय व्हाट्सएप्प ग्रुप चलाते हैं तो हमारे कार्यालय के मोबाइल नंबर 9992220655 को उसमें शामिल कर लें हम आपके व्हाट्स एप्प ग्रुप में खेती बाड़ी , पशुपालन से जुडी जनोपयोगी सूचनाएं भेजेंगे जिससे आपके पंचायत क्षेत्र में आमजन को लाभ होगा 

हम आपको जो सन्देश उपलब्ध करवा रहे हैं आपको यह सन्देश कैसे लग रहे हैं इसके बारे में भी आप अपनी प्रतिक्रिया हमारे कार्यालय के ऊपर बताये हए नंबर पर व्हाट्सएप्प के माध्यम से भेज सकते हैं |

सॉलीडैरीडैड और वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन की ओर से आपका हार्दिक धन्यवाद |

 

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