Sunday, 17 May 2020

Solidaridad & Vodafone India Foundation








आदरणीय सरपंच महोदय

नमस्कार

यह सन्देश आपको सॉलीडैरीडैड और वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन  के द्वारा दिया जा रहा है 

किसान भाइयों पिछले कुछ सालों में हम सबने विश्व स्तर पर हो रहे मौसम में बदलाव का अनुभव किया है 

आपको जानना चाहिए कि किस तरह के बदलाव हो रहे हैं और अपेक्षित है 

अब न तो समय पर वर्षा होती है और जब होती है तो विस्तृत रूप से सब जगह पर नहीं होती है.

पूरे मौसम में अक्सर लम्बे लम्बे अंतराल व वर्षा के मौसम में कम दिनों का होना और उन कम दिनों में जोरदार वर्षा का होना अब सामान्य सी बात हो गयी है.

बरसात की  इस अनियमितता के साथ-साथ तापक्रम में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है

यह भी अनुभव किया गया है कि खरीफ के मौसम में कई दिनों तक बादल बने रहते है जिससे धूप के अभाव  में पौधे ठीक से पैदावार देने में कठिनाई महसूस करते है.

इस तरह वर्ष- दर- वर्ष मौसम सोयबीन व अन्य फसलों के अनुकूल नहीं रह गया है.

अगर मौसम अनुकूल न हो तो हमें खेती के तरीकों  को प्रचलित मौसम के अनुकूल बनाना होगा

इस हेतु किसान भाइयों को कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं

  • फसल को सबसे अधिक नुकसान अतिवृष्टि अथवा फसल के दौरान लम्बे लम्बे सूखे के दौर पड़ने से होता है. इस समस्या से निपटने के लिए जो उपाय अपनाने  चाहिए वे इस प्रकार हैं
    • रबी की फसल काटने के बाद खेत को जोत कर गर्मी की धूप लगने को छोड़ देंइसके कई लाभों में से एक यह भी है कि वर्षा आने पर पानी जमीन में जाकर नमी लम्बे समय तक बनाये रखेगा।
    • खेत में खाद (ऍफ़वाईएम् / वर्म्मी कम्पोस्ट /मुर्गी की खाद ) नियमित रूप से उपलब्ध मात्रा के आधार पर डालेंअगर हर वर्ष न डाल पा रहे हैं तो एक वर्ष के अंतराल पर अवश्य डालें.
    • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब बोवनी का तरीका बदल लेंइस हेतू  या तो बीबीएफ अथवा एफआइआरबी  सीडड्रिल का उपयोग करें, बीबीएफ  सीडड्रिल के बारे में आपको पहले हम बता चुके है और एफआइआरबी  सीडड्रिल के बारे में अगले सन्देश में आपको जानकारी दी जाएगी
  1. बीबीएफ  सीडड्रिल का उपयोग करके आप चौड़ी पट्टी पर बोवनी करते हुए पट्टी के दोनों तरफ नाली निकाल सकते है.
  2. अगर एफआइआरबी  सीडड्रिल का उपयोग किया है तो मेड पर बुवाई होगी और आसपास नाली बनेगी. ऐसा करने से जमीन में जल संचय अधिक होगा और लम्बी तान पड़ने पर पौधों को आवश्यक नमी मिलती रहेगी
  3. वर्षा अधिक हुई तो पानी नाली में रहेगा अथवा उनसे उसका निकास हो सकेगा.
  4. अगर किसान भाई इस वर्षा जल के संचय की व्यवस्था कर लें तो उनके पास सूखे की स्थिति में सोयबीन की एक सिंचाई करने की सुविधा होगी या उस संचित जल को अगली फसल में उपयोग में ला सकेंगे।
  5. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बोवनी हमेशा ढलान के विपरीत दिशा में हो.
    • संभव है कि किसानों के पास इस प्रकार की सीडड्रिल के व्यवस्था न होउनको सलाह है कि वे सोयाबीन बोअनी करने के बाद हर छटवीं व सातवीं कतार के बीच एक नाली निकल दें.      
    • अगर उपरोक्त सीडड्रीलों से बुवाई नहीं की गयी हो तो पानी की लम्बी तान पड़ने पर एक बार डोरा अवश्य चला दें।
    • अगर निन्दाई हाथ से की जा रही हो तो खरपतवार को मल्च के रूप में कतारों के बीच में डालकर करें. ध्यान रहे कि पहले निकले गए खरपतवरों के ऊपर दूसरी बार निकले गए खरपतवारों का जड़ वाला हिस्सा हो. ऐसा करने से जमीन में नमी अधिक समय तक रहेगी.
    • अगर दाना भरने की अवस्था में सूखे की स्थिति हो तो एक सिंचाई  अवश्य दें। 
  • फसल अवधि के दौरान कई दिनों तक धूप नहीं निकलती है, पौधें अपना उत्पाद बनाने के लिए समुचित प्रकाश का उपयोग कर सके इस हेतु कृपया कतार से कतार की दूरी 45 से. मी. रखे जिससे अधिक से अधिक मात्रा में प्रकाश पौधों पर पड़े.

आपसे निवेदन है कि आपके फोन के मैसेज बॉक्स में हमने जो लिंक भेजा है, उसे कृपया आप अपने स्थानीय व्हाट्स एप्प ग्रुप में शेयर कर दें ताकि आपके माध्यम से यह महत्वपूर्ण सूचनाएं आपके क्षेत्र में जन जन तक पहुँच कर आम जन को लाभान्वित करें |

यदि आप स्वयं कोई स्थानीय व्हाट्सएप्प ग्रुप चलाते हैं तो हमारे कार्यालय के मोबाइल नंबर 9992220655 को उसमें शामिल कर लें हम आपके व्हाट्स एप्प ग्रुप में खेती बाड़ी , पशुपालन से जुडी जनोपयोगी सूचनाएं भेजेंगे जिससे आपके पंचायत क्षेत्र में आमजन को लाभ होगा |

हम आपको जो सन्देश उपलब्ध करवा रहे हैं आपको यह सन्देश कैसे लग रहे हैं इसके बारे में भी आप अपनी प्रतिक्रिया हमारे कार्यालय के ऊपर बताये हए नंबर पर व्हाट्सएप्प के माध्यम से भेज सकते हैं |

सॉलीडैरीडैड और वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन की ओर से आपका हार्दिक धन्यवाद

 

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