Saturday, 23 May 2020

Solidaridad & Vodafone India Foundation




आदरणीय सरपंच महोदय

नमस्कार

यह सन्देश आपको सॉलीडैरीडैड और वोडाफोन इंडिया फाउंडेशन  की ओर से दिया जा रहा है

आज हम आपको सोयाबीन की फसल में में संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन कैसे करें के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं

किसान भाइयों संतुलित पोषण प्रबंधन का अर्थ है सर्वोत्तम उत्पादकता के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा, स्त्रोत, समय और स्थान का प्रबंधन करना

उचित पोषण प्रबंधन करने से फसल में अनेक लाभ मिलते हैं

जैसे ऊपज और उसकी गुणवत्ता बढ़ जाती है

मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिलती है

मिट्टी के अंदर पोषक तत्वों की कमी में सुधार होता है और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर और लम्बे समय तक  बनाए रखने में मदद मिलती है

सोयाबीन में सही पोषण प्रबंधन कैसे करें

किसान भाइयों सबसे पहले ध्यान रखें की खाद उर्वरकों का प्रयोग करने से पहले मिट्टी का परीक्षण अवश्य करा लें

संतुलित उर्वरक प्रबंधन के अंतर्गत रसायनिक उर्वरकों का उपयोग मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही किया जाना सर्वथा उचित होता है

राज्य कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिश की गई संतुलित मात्रा मिटटी परीक्षण की रिपोर्ट के अनुसार घटाई व बढ़ाई जा सकती है

उर्वरकों का प्रयोग सही समय, सही विधि और सही साधन से करें

बुवाई पूर्व खेती की तैयारी के समय उर्वरक प्रयोग

अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद 10 टन प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें

देसी गोबर खाद 5 से 10 टन प्रति हेक्टेयर या मुर्गी विष्ठा खाद ढाई टन प्रति हेक्टेयर के साथ अनुशंसित उर्वरक की  संतुलित मात्रा ( एन : पी : के) देने से उचित उत्पादन प्राप्त होता है

हरित खाद 4 से 5 टन प्रति हेक्टेयर जैव घटक भूमि को प्राप्त होते हैं

जैव उर्वरक के रूप में पञ्चगव्य , अमृत पानी , जीवामृत , विस्तरा खाद या बीजामृत का प्रयोग करें

यदि केंचुआ खाद उपलब्ध हो तो 2.5 से 4.0 टन प्रति हेक्टेयर खेत की मिटटी में मिलाएं

सोयाबीन की फसल में उर्वरकों को आधार डोज के रूप में देने की अनुशंसा की जाती है जिसकी अनुशंसित मात्राएँ इस प्रकार हैं N:P:K:S- 25:60:40:20 (नत्रजन : स्फुर : पोटाश : सल्फर ) जिसकी आपूर्ति करने के लिए 56 किलो यूरिया के साथ 375 किलो सिंगल सुपर फास्फेट और 67 किलो म्यूरेट ऑफ़ पोटाश की डोज डालनी चाहिए

यह मात्रा बुवाई से 15 से 20 दिन पहले खेत की तैयारी करते समय खेत में अंतिम जुताई से पूर्व डाल कर भली भांति मिटटी में मिला देवें

उर्वरक का प्रयोग करने से पूर्व किसान भाई चार सूत्र याद रखें

  1. सही स्त्रोत
  2. सही मात्रा
  3. सही जगह
  4. सही समय

सोयाबीन फसल में उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा

विकल्प -1

नाईट्रोजन - 25

उर्वरक का नाम : यूरिया (56 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 22 किलो / एकड़)  

फास्फोरस – 60

उर्वरक का नाम : सिंगल सुएर फास्फेट (375 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 150 किलो / एकड़) 

पोटाश - 40

उर्वरक का नाम : म्यूरेट ऑफ़ पोटाश  (67 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 27 किलो / एकड़) 

 

विकल्प -2

उर्वरक का नाम : डी ए पी (130 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 52 किलो / एकड़) 

उर्वरक का नाम : म्यूरेट ऑफ़ पोटाश  (67 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 27 किलो / एकड़) 

उर्वरक का नाम : जिप्सम (200 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 80 किलो / एकड़) 

 

विकल्प - 3

उर्वरक का नाम : एन पी के (12:32:16) (200 से 250 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 80 से 100 किलो / एकड़) 

उर्वरक का नाम : जिप्सम (200 किलोग्राम/ हेक्टेयर या 80 किलो / एकड़) 

 

जस्ता एवं गंधक की पूर्ती

अनुशंसित खाद एवं उर्वरक की मात्रा के साथ 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति हेक्टेयर मिटटी परिक्षण के रिपोर्ट के आधार पर डालें

गंधक युक्त उर्वरक (सिंगल सुपर फास्फेट) का उपयोग अधिक लाभकारी होगा

सुपर फास्फेट का उपयोग ना कर पाने की दशा में जिप्सम  का उपयोग 200 किलोग्राम प्रति हेक्टयेर की दर से करना लाभकारी है, इसके साथ ही गंधक युक्त उर्वरको का उपयोग किया जा सकता है

 

सरपंच महोदय आपसे निवेदन है कि आपके फोन के मैसेज बॉक्स में हमने जो लिंक भेजा है उसे कृपया आप अपने स्थानीय व्हाट्स एप्प ग्रुप में शेयर कर दें ताकि आपके माध्यम से यह महत्वपूर्ण सूचनाये आपके क्षेत्र में जन जन तक पहुँच कर आम जन को लाभान्वित करें 

यदि आप स्वयं कोई स्थानीय व्हाट्सएप्प ग्रुप चलाते हैं तो हमारे कार्यालय के मोबाइल नंबर 9992220655 को उसमें शामिल कर लें हम आपके व्हाट्स एप्प ग्रुप में खेती बाड़ी , पशुपालन से जुडी जनोपयोगी सूचनाएं भेजेंगे जिससे आपके पंचायत क्षेत्र में आमजन को लाभ होगा |

हम आपको जो सन्देश उपलब्ध करवा रहे हैं आपको यह सन्देश कैसे लग रहे हैं इसके बारे में भी आप अपनी प्रतिक्रिया हमारे कार्यालय के ऊपर बताये हए नंबर पर व्हाट्सएप्प के माध्यम से भेज सकते हैं |

सॉलीडैरीडैड और वोडाफ़ोन इंडिया फाउंडेशन  ओर से आपका हार्दिक धन्यवाद 

 

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