Wednesday, 17 Jun 2020

Kisan Sanchar Madhya Pardesh Desk








State Agro Meteorological Center Bhopal

Indian Meteorological Department 

Bulletin No. 48/2020

माननीय महोदय

नमस्कार

यह सन्देश आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है |

राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा तैयार विशेष बुलेटिन 48/2020 जिसे जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविधालय जबलपुर और राजमाता विजयराजे सिंधियां कृषि विश्वविधालय ग्वालियर एवं मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार दिनांक 16 जून 2020 को जारी किया गया है के अनुसार

मध्य नर्मदा क्षेत्र

जिसमें नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले आते हैं में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य बने रहने तथा घने बादल छाये रहने के साथ वर्षा होने का पूर्वानुमान है |

गिर्द क्षेत्र

जिसमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी,  अशोकनगर जिले आतें हैं में मौसम पूर्वनुमान को देखते हुए इस समय खेतों की ग्रीषम कालीन गहरी जुताई करे व मेढ़ों की मरम्मत का कार्य करें जिससे वर्षाजल खेतों में ही संरक्षित रह सके    

विन्ध्य पठार

जिसमें सागर, दमोह, भोपाल, सिहोर, रायसेन, विदिशा जिले आते है मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान में मध्यम से घने बादल छाये रहने तथा दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट होने की संभावना है हवा की गति 24 कि.मी. प्रति रह सकती है | अगले पांच दिन में तेज़ हवाओं के साथ ह्ल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है |  

सतपुड़ा पठार क्षेत्र  

जिसमें बैतूल, और छिंदवाडा जिलें आते है मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 17 से 20 जून तक आसमान में मध्यम से घने बादल छाये रहने तथा हल्की वर्षा होने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 37 डिग्री सल्सियास तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सल्सियास रहने तथा हवा की गति 18 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

खरीफ फ़सलें

खरीफ फसल की बुवाई से पहले मिट्टी में 8 इंच गहराई तक नमी होना अनिवार्य है 4 इंच वर्षा होने पर ही बोनी करें |

अरहर की खेती  

अरहर की खेती करने वाले किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि अरहर की फसल की बोनी हेतु उन्नत शील एवं कम अवधि में पकने वाली प्रजातियाँ जैसे : टी.जे.टी-501, जवाहर अरहर-4, जे.के.एस-7 एवं 189 आदि बोएं |   

मूंग की खेती

इस समय पकी हुई मूंग की फसल की कटाई करें व सुखाकर गहाई करें एवं सुरक्षित भण्डारण करें

धान की नर्सरी

इस समय धान की नर्सरी हेतु खेतो को तैयार कर धान की नर्सरी डालें व तैयार पौध में खरपतवार नियंत्रण करें व समय समय अवश्कतानुसार सिंचाई करें |

धान की उन्नतशील किस्मे : जे.आर.345, जे.आर.201,

मध्यम अवधि की किस्में: आई.आर.64, आई.आर.54, माधुरी, क्रांति महामाया, पूसा बासमती आदि लगाई जा सकती हैं   

सोयाबीन की खेती

खेतों की अंतिम जुताई के बाद अनुशंसित गोबर की खाद 10 टन या मुर्गी की खाद 2.5 टन की दर से खेत मे डालकर अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें |   

सोयाबीन की बीमारी से प्रतिरोधक क्षमता  वाली किस्में : जे.एस. 95-60, जे.एस. 20-29, जे.एस. 20-34, जे.एस. 20-94, एन.आर.सी 86 आदि लगाएं |

मेढ नाली पद्धति के लिए उपयुक्त किस्में : एन.आर.सी 37, जे.एस. 20-29, आर.वी.एस 2001-4, जे.एस. 20-34, जे.एस. 20-98, एन.आर.सी 86 आदि लगाएं |

पीला मोजेक बीमारी की रोकथाम हेतु अनुशंसित कीटनाशी ईमिडाक्लोरप्रीड दवा 48 एफ.एस. जिसे 1 मिली  प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से बीज उपचारित करें |

बैंगन व भिंडी की खेती

इस समय बैंगन व भिंडी में फल छेदक कीट की संभावना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु क्यूनालफास 25 ई.सी. 2 मिली दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

टमाटर व मिर्च की खेती

इस समय ग्रीष्म कालीन टमाटर व मिर्च में लीफकर्ल रोग की संभवना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 750 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

गन्ने की खेती

गन्ने की फसल घुटने की ऊंचाई तक आ जाने पर निराई-गुड़ाई तथा सिंचाई के बाद संतुलित मात्रा में खेतों में खाद डालने की सलाह दी जाती है |

कपास

खेतों की अंतिम जुताई के बाद अनुशंसित गोबर की खाद 10 टन या मुर्गी की खाद 2.5 टन की दर से खेत मे डालकर अच्छी तरह मिट्टी में मिला दें |   

सिंचित कपास की बुवाई जून के पहले से दुसरे सप्ताह में अनुशंसित दुरी पर करें बुआई के समय एनपीके 60 किलोग्राम/हेक्टेयर की दर से उपयोग करें |

जून में समय पर बुवाई करने से गुलाबी बोर्लवर्म के शुरूआती संक्रमण से बचने मे मदद मिलती है इसलिए किसानो को सलाह दी जाती है की वे जल्द से जल्द बुआई पूरी करें |

फलदार वृक्ष

फलदार वृक्षों के तनो पर बार इटिंग केटरपिलर यानि छाल खाने वाली इल्ली दिखाई देने पर इनके बनाए हुए स्थानों पर मिट्टी का तेल या कोई भी कीटनाशक दवा छेदों में डालकर गीली मिट्टी से ढक दें|

मौसम को देखते हुए सफेद मक्खी का प्रकोप बढने की संभावना है, नियंत्रण के लिए थायोमिथाकिसम 5.0 ग्राम. प्रति टंकी की दर से छिड़काव करें   

पशुपालन एवं मुर्गीपालन

पशुओं एवं पक्षियों को तेज़ धुप व गर्म हवा से बचाव के उपाय करें

पशुओं को दिन में तीन बार स्वच्छ ताजा पानी पिलाएं एवं लू के लक्षण दिखने पर नमक एवं शक्कर मिश्रित पानी पिलायें |

पशुओं के एन्थ्रेक्स, गलघोटू लंगड़ी बुखार, एफ.एम.डी. का टीका लगवाएं |

टिड्डी दल पर नियंत्रण

टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए प्रकाश प्रपंच लगाकर टिड्डियों को एकत्र कर नष्ट करें |

रात में अगर अपने खेत में टिड्डियों को बैठा देखें तो रात मे ही खेत की कल्टीवेटर या रोटावेटरमे पाटा लगाकर जुताई कर दें ताकि इनके अंडे एवं टिड्डियाँ पाटा से दबकर समाप्त हो जाएँ |

टिड्डी का तीव्र आक्रमण होने पर इनके नियंत्रण के लिए बेनिडयोकार्ब 80 प्रतिशत 125 ग्राम या डेल्टामेथ्रिन 1.25 प्रतिशत युएल्व्ही 1400 मिली. दवा का प्रति हक्टेयर छिड़काव करें     

 

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि  कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

सरपंच महोदय आपसे निवेदन है कि आपके फोन के मैसेज बॉक्स में हमने जो लिंक भेजा है उसे कृपया आप अपने स्थानीय व्हाट्स एप्प ग्रुप में शेयर कर दें ताकि आपके माध्यम से यह महत्वपूर्ण सूचनाये आपके क्षेत्र में जन जन तक पहुँच कर आम जन को लाभान्वित करें

यदि आप स्वयं कोई स्थानीय व्हाट्सएप्प ग्रुप चलाते हैं तो हमारे कार्यालय के मोबाइल नंबर 9992220655 को उसमें शामिल कर लें, ताकि हम आपके व्हाट्स एप्प ग्रुप में खेती बाड़ी , पशुपालन से जुडी जनोपयोगी सूचनाएं भेज सकें जिससे आपके पंचायत क्षेत्र में आमजन को लाभ होगा |

हम आपको जो सन्देश उपलब्ध करवा रहे हैं आपको यह सन्देश कैसे लग रहे हैं इसके बारे में भी आप अपनी प्रतिक्रिया हमारे कार्यालय के ऊपर बताये हए नंबर पर व्हाट्सएप्प के माध्यम से भेज सकते हैं |

किसान संचार की ओर से आपका धन्यवाद |

 

 

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