Monday, 29 Jun 2020

Kisan Sanchar Haryana Desk








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हरयाणा राज्य का मौसम पूर्वानुमान 

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग एवं किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है |

भिवानी

भिवानी जिले में आज, कल और परसों हल्की वर्षा होने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

फतेहबाद

फतेहबाद जिले में आज कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने, कल और परसों मौसम साफ रहने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहने तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 19 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

झज्जर

झज्जर जिले में आज, कल और परसों मौसम साफ रहने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 12 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

महेंद्रगढ़  

महेंद्रगढ़ जिले में  आज मौसम साफ रहने कल और परसों हल्की वर्षा होने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

पलवल

पलवल जिले में आज, कल और परसों मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 13 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

रेवाड़ी

रेवाड़ी जिले में  आज, कल और परसों हल्की वर्षा होने की सम्भावना है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 13 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

रोहतक

रोहतक जिले में आज, कल और परसों हल्की वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 15 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

सिरसा

सिरसा जिले में आज, कल और परसों मौसम साफ रहने की संभावना है अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |  

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं

 

धान

किसान भाइयों को बासमती धन की नर्सरी लगाने के लिए खेत में 10 से 12 गाड़ी कम्पोस्ट खाद डालकर अच्छी तरह से जुताई करके बीजोपचार करने के लिए 10 ग्राम बाविस्टिन या 10 ग्राम एमिसान को 20 लीटर पानी में घोल कर 10 से 12 किलोग्राम बीज को 24घंटे भिगोकर छाया में 24 से 36 घंटे तक गीली बोरी से ढक कर रखें  तथा नर्सरी की बिजाई हेतु उपयोग करें  

धान में पदगलन और बकानी से बचाव के लिए धान की पनीरी उखाड़ने से 7 दिन पहले कार्बेन्डाजिम 1 ग्राम प्रति वर्ग मीटर की दर से रेत में मिलाकर पनीरी में एक साथ बिखेर ध्यान रहे की पनीरी में उथला पानी हो इस बीमारी यही एकमात्र बचाव है

जो किसान भाई धान की नर्सरी पहले ही लगा चुके हैं वे धान की नर्सरी में सायंकाल के समय पानी लगाये व सुबह 10-11 बजे तक पानी का निष्कासन कर दें,

पौधे पीले पड़ने या कमज़ोर रहने पर 100 लीटर पानी में 2 कि.ग्र. यूरिया व 500 ग्रा.  जिंक सल्फेट मिलाकर प्रति एकड़ छिडकाव करें |  

जिन किसानो की धान की नर्सरी 25 से 30 दिन की हो गई हो तो किसान पौधों को कतार में रोपें

एक जगह दो या तीन पौधे लगायें |

कपास 

कपास की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बारिश की संभावना को देखते हुए फसल में सिंचाई व रसायनिक छिडकाव पूर्ण रूप से रोक दें बारिश होने के कारण अगर कपास के खेत में पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें |

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की मौसाम को ध्यान में रखते हुए कपास की निराई गुड़ाई कर नमी बनाई रखें |  

अरहर

अरहर की खेती करने वाले किसन भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बिजाई रोक दें अगर अरहर के खेत में अतिरिक्त पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें और नुकसान से बचें |

बाजरा

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की बदलते मौसम को ध्यान में रख कर फसल की बिजाई करें बाजरे की फसल में मिटटी की नमी के संरक्षण और खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई गुड़ाई भी करें अगर बाजरा के खेत में अतिरिक्त पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें और नुकसान से बचें |

ग्वार

किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है ग्वार की बिजाई रोक दें अगर ग्वार के खेत में अतिरिक्त पानी खड़ा हो तो उसे शीघ्र ही निकलने का प्रबंद करें और नुकसान से बचें |

प्याज

प्याज की खेती करने वाले किसान भाईओं को यह सलाह दी जाती है की प्याज की समय से बोयी गई फसल में थ्रिप्स के संक्रमण की लगातार निगरानी करते रहें |

टमाटर

टमाटर की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की टमाटर की फसल को फल छेदक कीट से बचाव के लिए कीट ग्रसित फलों तथा प्रोहरों को इक्कट्ठा कर नष्ट कर दें

यदि कीट की संख्या अधिक हो और आसमान भी साफ़ हो तो स्पिनोसेड कीटनाशी दवा 48 ई.सी को  1 मि.ली. लेकर  4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें

पौधशाला को तेज धूप से बचाने के लिए 40% छायादार नेट द्वारा 6.5 फीट की उंचाई पर ढका जा सकता है  

भिंडी

भिंडी की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की हल्की बारिश होने की सम्भावना है तो किसान भाई भिन्डी की फसल में सिंचाई न करें |

करेला

करेले की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की हल्की बारिश होने की सम्भावना है तो किसान भाई करेले की फसल में सिंचाई न करें |

हल्दी

हल्दी की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की यह मौसम हल्दी की खेती के लिए उपयुक्त है , किसानो से निवेदन है की अपने खेतों में हल्दी की बिजाई करें |

घीया

घीया की खेती करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की घीया की फसल में 4 मि.ली. ईथरल दवा को 20 ली. पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिडकाव करने से पौदावार में वृद्धि होती है | 

फल एवं सब्जियां

फल एवं सब्जियों के पौधों में आवश्कतानुसार सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें तथा खीरा, तुरई आदि की बुवाई जल्दी पूरी करें |

गन्ना

गन्ने की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है की मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान अपनी गन्ने की फसल की निराई-गुड़ाई करें |

पशु पालन

पशु पालन करने वाले किसान भाइयों को ही सलाह दी जाती है की पशुओं को दिन में तीन बार स्वच्छ एवं ताजा पानी पिलांये पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए हरे चारे के साथ 50 ग्राम आयोडीन युक्त नमक और 50 से 100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रतिदिन खिलाएं |

सभी किसान भाइयों को यह सलह दी जाती है कि फल अवशेषों को न जलाएं ताकि पर्यावरण स्वच्छ रहें तथा भूमि की उर्वरा शक्ति कम न हो  |

फसल अवशेषों को भूमि में दबाएं जिससे उर्वरा शक्ति बनी रहे ताकि आगामी फसल से सही उत्पदान लिया जा सके |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |

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