Saturday, 11 Jul 2020

Kisan Sanchar Madhya Pardesh Desk








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मध्य प्रदेश राज्य का मौसम पूर्वानुमान

माननीय महोदय

नमस्कार

मौसम का यह पूर्वानुमान आपको भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और किसान संचार के द्वारा दिया जा रहा है

राज्य कृषि मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा तैयार विशेष बुलेटिन 55/2020 जिसे जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविधालय जबलपुर और राजमाता विजयराजे सिंधियां कृषि विश्वविधालय ग्वालियर एवं मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में शुक्रवार दिनांक 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया है के अनुसार

 

मध्य नर्मदा क्षेत्र

जिसमें नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले आते हैं में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

गिर्द क्षेत्र

जिसमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले आतें हैं में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

सतपुड़ा पठार क्षेत्र

जिसमें बैतूल, और छिंदवाडा जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान घने बादल छाये रहने के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 16 कि.मी. प्रति घंटा तक रहे सकती है |

विन्ध्य पठार क्षेत्र

जिसमें सागर, दमोह, भोपाल, सिहोर, रायसेन, विदिशा जिले आते है में पांच दिनों के दौरान मध्यम से हल्के बादल रहने का अनुमान है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 8 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

झाबुआ पहाड़ियाँ क्षेत्र

जिसमें झाबुआ, अलीराजपुर, धार जिलें आतें है में पांच दिनों के दौरान मध्यम से घने बादल छाये रहने की संभावना है | अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 22 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

मालवा पठार क्षेत्र

जिसमें उज्जैन, इंदौर, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, देवास, नीमच जिलें आते है में पांच दिनों के दौरान वर्षा होने का अनुमान है अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ ही हवा की गति 23 कि.मी. प्रति घंटा तक रह सकती है |

 

किसन भाइयों एपिसोड के अगले भाग में हम आपको विभिन्न फसलों के बारे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एग्रो एडवाइजरी यानि कृषि सलाह के बारे में बताने जा रहे हैं |

अरहर की खेती

अरहर की खेती करने वाले किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि अरहर की फसल की बोनी हेतु उन्नत शील एवं कम अवधि में पकने वाली प्रजातियाँ जैसे : टी.जे.टी-501, जवाहर अरहर-4, जे.के.एस-7 एवं 189, आई.सी.पी.एल.- 88039, पूसा-992, पूसा-16, आदि का चयन कर बीज कार्य कर पलेवा कर बोनी करें |

ग्वार, बाजरा एवं तिल

इस समय ग्वार, बाजरा एवं तिल की बोनी हेतु पर्याप्त वर्षा हो चुकी है अतः बतर आने पर खेतों की तैयारी करें व उर्वरक एवं उन्नतशील किस्मों के बीजों का चयन करें व बीजोपचार कर बोनी करें।

धान की रोपाई

इस समय धान की पौध में खरपतवार नियंत्रण करें व तैयार पौध की रोपाई करें व पूर्व में रोपी जा चुकी पौध में खरपतवार नियंत्रण कर नत्रजन की मात्रा को दें।

मक्का

मक्का की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती है कि मक्का की 18 से 21 दिन की खड़ी फसल में घांस कुल और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए टेम्बोट्राईओन 42% sc (लाऊडिस) नामक दवा का 115 मिली./एकड़ कि दर से छिड़काव करें |

• मक्का की 25 दिन कि खड़ी फसल में नाइट्रोजन धारी उर्वरकों का प्रयोग करें | • मक्के कि फसल में फाल आर्मी वर्म कीट की रोकथाम हेतु निम्न उपाय करें :- • खेतों में पक्षियों के बैठने हेतु टी आकार कि खूटियाँ 100 प्रति एकड़ की दर से लगाएं |

पोंगलियों में राख, लकड़ी का बुरादा या बारीक रेत डालें |

50000/एकड़ की दर से ट्राईकोडर्मा प्रोटियम या टेलेनोमस रेमस किट को छोड़ें |

5% नीम के बीज कि खली या अजेडारिकटिन 1500ppm @5ml/ली पानी की दर से छिड़काव करें |

सोयाबीन की खेती

• किसानों को सलाह दी जाती है कि वे सोयाबीन में मोनोकोट/डाईकोट खरपतवारों के प्रबंधन के लिए उपयुक्त उपाय (डोरा/कुलपा निराई या अनुशंसित खरपतवारनाशी के उपयोग) करें |

• किसानों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे पत्ती खाने वाले कीटों के हमले से फसल को बचाने के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी (150 मिली/हे) का स्प्रे करें |

• सोयाबीन की 15 से 20 दिन की खड़ी फसल में घांस कुल और कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए इमेजेथाफायर 250-300 मिली प्रति एकड़ कि दर से छिड़काव करें |

टमाटर व मिर्च की खेती

इस समय ग्रीष्म कालीन टमाटर व मिर्च में लीफकर्ल रोग की संभवना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण हेतु डाइमिथोएट 750 मि.ली. दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें |

गन्ने की खेती

90, 120 एवं 150 दिनों पर यूरिया का छिड़काव करें, मिट्टी चढ़ावें |

तना छेदक एवं पायरिल्ला कीटों का प्रकोप होने पर फोरेट 10 जी 15 कि.ग्रा./हे. कुडों में डालकर मिट्टी चढ़ावें |

कपास

कपास में रसचुसक कीट का प्रकोप दिखाई देने पर नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मि.ली. दवा या इमिडाक्लोप्रिड + एसिफेट 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें |

वर्तमान मौसम में अमरूद, आम, जामुन, आंवला एवं नीबूं की देशी पौधों की शाखाओं के पौधों के ऊपर कलमी पौधों के कलम बांधने के अनुकूल है अत: किसान भाई कार्य को शुरू करें |

मिर्च

मिर्च की खेती करने वाले किसान भाइयों को यह सलाह दी जाती थी की मिर्च में लीफ्कर्ल रोग की संभावना हो सकती है अत: दिखाई देने पर इसके नियंत्रण के लिए इमेडाक्लोप्रिड 17.8 एस.एल. 170 मिली दवा 500 से 600 लीटर पानी में घोल कर मौसम साफ होने पर छिड़काव करें |

पशुपालन

• पशुपालन में खुरपका मुहपका बीमारी के टीके लगवाएं |

• पशुओं को 50-60 ग्राम नमक की मात्रा पानी में मिलाकर देवें, इससे पशुओं में बढ़ोत्तरी और प्रजनन शक्ति का विकास होता है |

• पशुशाला में पशुओं को मच्छरों एवं अन्य कीटों से बचाव हेतु गीला कूड़ा कचरा जलाकर धुआँ करें |

किसान भाइयों आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने निकटतम एग्रीकल्चर रिसर्च स्टेशन , कृषि कालेज , कृषि विज्ञान केंद्र , कृषि अधिकारी या जिला कृषि कार्यालय के सम्पर्क में रहें और अपनी समस्याओं का निराकरण करें |

किसान संचार और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आपका धन्यवाद |

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